४६ बार दसवी में फेल होने के बावजूद ७७ साल के शिवचरण ने नहीं मानी हार !

जहाँ आज के युवा पहली ही बार में मार्क्स कम आने पर निराश हो जाते हैं और आत्महत्या तक करने की सोच लेते है, वही एक मिसाल ऐसी भी है जिनसे इन निराश बच्चो को प्रेरणा मिल सकती है।