अनुभव – मुझे अपने बच्चो को पालने के अलावा और कुछ नहीं आता था और मैंने यही किया !

जब मेरे पति का देहांत हो गया तो मैं सोचती थी कि अब मैं कैसे जिउंगी.... मैंने अपनी सारी ज़िन्दगी बस घर ही संभाला था ...मुझे बस अपने बच्चो को पालना आता था और कुछ नहीं।

‘अनुभव’ – चेन्नई की बाढ़ में मैंने बहुत कुछ खो दिया पर ये अनुभव मुझे बहुत कुछ सिखा भी गया !

चेन्नई में आई बाढ़ में हमारा घर तबाह हो गया। हम दो दिन तक मदद की उम्मीद में बैठे रहे। बरसो की जमाई पूंजी ख़त्म हो गयी पर फिर भी इस बाढ़ ने हमें इंसानियत और नेकदिली पर भरोसा करना सिखाया !