सरकारी स्कूल में पढाने के लिए रोज 8 किमी पहाड़ चढ़ते है यह शिक्षक!

विपरीत परिस्थितियों में पढ़ने का जज्बा तो आपने खूब देखा होगा, लेकिन पढाने का ऐसा जज्बा कम ही देखने को मिलता है। पिछले सात साल और नौ महीनों से एक अध्यापक आठ किलोमीटर, पहाड चढ़कर बच्चों को पढाने जाते हैं। असलियत तो ये है कि उन्हीं के इस कठिन परिश्रम की वजह से यह प्राथमिक विद्यालय आज तक चल रहा है। सरकारी अकूल के इस अध्यापक की जज्बे भरी कहानी से देशभर के सरकारी अध्यापक सीख लें, तो देश के सरकारी स्कूल भी भविष्य की शिक्षित पीढियां पैदा कर सकते हैं।