इस व्यक्ति की मदद से बिना बिजली बिल भरे आप वातानुकूलित घर में रह सकते हैं!

दिनेश के इस नए घर ने शुन्य से सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया है और इसके लिए इन्हें एक बार भी अस्थायी बेस्कॉम कनेक्शन लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

पौधों को भी गर्मी लगती है! आईये जानें इस गर्मी में कैसे रखें अपने बगीचे को हरा-भरा

गर्मियां आते ही मन में आइसक्रीम और आमों का ख्याल मन में आने लगता है इसके साथ ही हम ऐ.सी. की ठंडी हवा के लिए बेताब हो जाते हैं । इस समय जब हम गर्मियों में ठंडक देने वाले खानों और खुद को ठण्ड पहुंचाने वाली चीजों से जुड़ने लगते हैं, हमारे बगीचे सूरज के तपती किरणों को झेल कर सूखते चले जाते हैं । आइये हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे सरल उपायों के बारे में जिससे कडाके की धुप में भी हमारे पौधे सुरक्षित रहे ।

रसगुल्ला : मिठास, विवाद, इतिहास और कुछ रोचक बातें!

कोलकाता की गलियाँ हो, या पूरी का मंदिर या फिर राष्ट्रपति भवन के गलियारे, रसगुल्ला भारत के सबसे अधिक लोकप्रिय मिष्ठानो में से एक रहा है। एक ओर जहाँ बंगाली इसे अपनी धरोहर मानते हैं, वहीँ दूसरी ओर उड़िया इसे अपना आविष्कार! रोसोगोल्ला बोलें, या रोशोगोल्ला या फिर रसबरी, अन्य देशो में भी इस मिठाई ने अपने झंडे गाड़े हैं।

कॉमेडियन जाकिर खान के अपने पिता के बारे में कही इन बातों को सुनकर आप भी अपने पिता को याद करेंगे!

जब कभी एक बच्चे की परवरिश की बात आती है तो सबसे पहले माँ के बलिदानों की ही याद आती है। पिता का त्याग और सहयोग अधिकतर छुपा ही रह जाता है। ऐसा शायद इसलिए है क्यूंकि माँ अक्सर बच्चे के प्रति अपना प्यार ज़ाहिर कर देती है पर पिता अपने प्यार को व्यक्त नहीं कर पाते। पर उनकी डांट और कठोर अनुशासन के पीछे जो छुपा होता है वो है अपने बच्चो के लिए अपार स्नेह और उन्हें अपने से बेहतर बनाने का एकमात्र सपना!

भारतीय सेना से जुडी कुछ बातें, जिन्हें पढ़कर आप गौरवांवित महसूस करेंगे।

15 जनवरी 1949 के दिन जनरल सर फ्रांसिस बुचर की जगह लेकर लेफ्टिनेंट जनरल के. एम्. कर्रिअप्पा भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ बन गए। इसी ऐतहासिक दिन की याद में हर साल 15 जनवरी को आर्मी डे के तौर पर मनाया जाता है।

स्वामी विवेकानंद के 10 प्रेरणादायक विचार जो आपको जीने की नयी राह देंगे!

आज भी, जब भारत का अधिकांश युवावर्ग नौकरी करने में नहीं बल्कि अपना कोई व्यवसाय शुरू करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा है तब स्वामी विवेकानंद के विचार उन्हें सही रास्ता दिखने में बहुत सहायक हो सकते है।

बेटी को खोने के बाद भी, पकिस्तान से इस पिता ने भेजा था भारत को प्यार भरा ख़त!

पकिस्तान से भारत अपना इलाज कराने आई 13 साल की अबीहा ने 7 मई 2015 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में दम तोड़ दिया। पर जाने से पहले वो भारत से सिर्फ प्यार और अपनापन लेकर गयी और यही प्यार उसने भारत को भी दिया। पकिस्तान लौटकर अबीहा के पिता, इमरान ने भारत के नाम एक धन्यवाद पत्र लिखा।

आम पर्यटकों की तरह एसिड अटैक फाइटर्स से मिलने पहुंचे हैरी पॉटर के अभिनेता!

कैफे शीरोज हैंगआउट में एसिड अटैक सर्वाइवर्स से मिलने इंग्लिश अभिनेता जैसन आइजैक्स सोमवार को आगरा पहुंचे। अपनी पत्नी और बेटियों के साथ पहुंचे जैसन ने यहां एक घंटे से ज्यादा समय बिताया। शीरोज में काम करने वाली सर्वाइवर्स जब उन्हें पहचान नहीं पाईं तो वापस जाते वक्त खुद जैसन ने उन्हें परिचय दिया।

हिन्दी दिवस पर जानिये इस दिन से जुड़े कुछ तथ्य, तत्व और मुख्य आयोजन!

हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में 14 सितम्बर 1949 को स्वीकार किया गया। इसकी स्मृति को ताजा रखने के लिये 14 सितम्बर का दिन प्रतिवर्ष हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

कहानियां उन दस तस्वीरों की, जिन्होंने बदल दी दुनिया !

कहते हैं एक तस्वीर हज़ार शब्दों से अधिक बोल जाती है। तस्वीरें हमारे वक़्त को कैद कर लेती हैं। विश्व फोटोग्राफी दिवस पर देखे दुनियां कि ऐसी ही तस्वीरें, जिन्होंने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया।

गुलज़ार की नज्मे और नज्मों के गुलज़ार!

आज गुलज़ार साहब का 82वां जन्मदिन है। जन्मदिन के बहाने आकाश की तस्वीर को एक छोटे से कैनवस पर उतारने की ये एक छोटी सी कोशिश है।

भारत की प्रख्यात महिला कहानीकार और उनके विचार !

सामाजिक कुव्यवस्था, निजी अनुभव, व्यक्तिगत बंधन तथा आत्मीय रिश्ते - ऐसी कई चीज़े है जो महिला लेखको को बाकी सब से अनूठा बनाती है। भारतीय लेखिकाओं के विषय मे यह बात विशेष तौर पर कही जा सकती है क्यूंकी यहाँ एक महिला कई तरह के सामाजिक एवं निजी भूमिकायें निभाती है। आइए देखे कि इन लेखिकाओं की लेखनी मे ऐसा क्या है जो इन्हे भीड़ से अलग करती है।

भारतीय इतिहास के 14 हैरतंगेज़ और रोमांचित रहस्य !

अगर आप कठिन से कठिन पहेलियाँ बुझाने में माहिर है और ऐतिहासिक किस्सों में दिलचस्पी रखते है तो भारतीय इतिहास के इन अनसुलझे रहस्यों को जानकर आश्चर्यचकित हो जायेंगे।

धनपतराय से ‘प्रेमचंद’ बनने का सफ़र !

मुंशी प्रेमचंद की कहानियाँ केवल कहानियाँ नहीं बल्की एक अलौकिक प्रकाश की भांति है जो हमारी सामाजिक एवं निजी भ्रांतियों के अँधेरे को मिटाने का प्रयास करती है। पर कैसे बनी ये कहानियाँ, क्या रहस्य है इन किरदारों के पीछे और कैसा था प्रेमचंद का जीवन? आज हिंदी के शेक्सपियर कहे जाने वाले इस महान लेखक के जन्मदिन पर खोजते है इन सभी प्रश्नों के उत्तर!

एक श्रृंखला डॅा. अब्दुल कलाम से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों की !

डॅा एपीजे अब्दुल कलाम ने एक राष्ट्रपति, एक वैज्ञानिक और एक व्यक्ति के रूप में उच्चकोटि का आदर्श स्थापित किया। उनकी यादें हमें सम्बल और उनकी सीख हमें प्रेरणा देने का कार्य करती हैं।