हिन्दी दिवस पर जानिये इस दिन से जुड़े कुछ तथ्य, तत्व और मुख्य आयोजन!

हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में 14 सितम्बर 1949 को स्वीकार किया गया। इसकी स्मृति को ताजा रखने के लिये 14 सितम्बर का दिन प्रतिवर्ष हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

जानिए भारतीय महिलाओं द्वारा निर्मित 9 ऐतिहासिक इमारतो के बारे में !

भारत में कई दशको से धार्मिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन पर पुरुषों की सत्ता कायम रही है। इसके बावजूद महिलाओं ने अपना योगदान इतिहास में हमेशा दर्ज कराया है। भारत का सबसे प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल भले ही एक पुरुष द्वारा निर्मित कराया गया, परन्तु इसे एक महिला के लिए ही बनवाया गया था। शायद बहुत कम लोग ये जानते होंगे कि मात्र ताजमहल ही किसी महिला से संबंधित नहीं है, बल्कि भारत में बहुत से ऐसे स्मारक और इमारतें है जो महिलाओं द्वारा निर्मित है।

सियाचिन की सैर कराएगी भारतीय सेना, खुले हैं आवेदन!

भारतीय सेना हर साल सियाचिन ग्लेशियर पर आम लोगों के लिए ट्रेक आयोजित करती है। इस ट्रेक का आयोजन अगस्त से सितम्बर के बीच होता है। पहली बार इस ट्रेक का आयोजन 2007 में हुआ था। 13 दिन का ये ट्रेक आर्मी एडवेंचर विंग की देखरेख में किया जाता है। ट्रेक पर जाने के लिए 30-40 लोगों का चयन किया जाता है।

१२ अद्भुत तस्वीरे जिन्हें देखकर आप पुष्कर की अदम्य सुन्दरता और धार्मिक प्रशांत में खो जाएँगे।

पुष्कर, जो राजस्थान का एक प्राचीन शहर है संसार के गिने चुने ब्रह्म मंदिरों का केंद्र है। अजमेर जिले में स्थित इस शहर को “तीर्थ राज” अर्थात् तीर्थ स्थलों का राजा कहा जाता है।

भारत की 8 मशहूर कवयित्रियाँ, जिनकी रचनाओ से और रौशन हुई हमारी संस्कृति !

भारत के खजाने में कई काबिल और महान कवयित्रियाँ भी रहीं हैं जिनकी कविताओं ने पाठकों के दिलों में जगह बनाई है। जानिए ऐसी ही ८ भारतीय कवयित्रियों के बारे में!

दिल्ली के इस उपेक्षित रेलवे स्टेशन को कैनवास की तरह सजा रहे है ये कलाकार !

उत्तर रेलवे ने स्टेशन को स्वच्छ एवं सुसज्जित करने के अपने प्रयास को और मज़बूत करते हुए, दिल्ली स्ट्रीट आर्ट ग्रुप के कलाकारों से संपर्क कर नरेला स्टेशन को एक नया रूप दिया। दिल्ली स्ट्रीट आर्ट, फोटोग्राफर योगेश सैनी द्वारा आरम्भ की गयी, एक ऐसी संस्था है जो देश में कला को बढ़ावा दे रही है। अलग अलग जगह के कलाकारों की मदद से इसे आगे बढाया जा रहा है।

इंडिया प्राइड प्रोजेक्ट वापस ला रहा है भारत से चुराई गयी भारत की धरोहर !

मंदिर, चर्च और अन्य स्मारको में रखी हुयी किमती कलाकृतिया जैसे मूर्ति और शिल्प हमेशा से चुराये जाते आये है और उन्हें तस्करी करके देश के बाहर भेजा जाता है। पर कुछ लोग है जो चुरायी गयी इन सभी चिज़ो को वापस लाकर अपने सही जगह पहुचाने का काम निस्वार्थ भाव से कर रहे है।

साउथ कोरिया के लोग हर साल अयोध्या आकर करते है अपने पूर्वजो को याद!

उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में हर साल साउथ कोरिया देश के लोग अपने देश की महाराणी हुर ह्वांग-ओके को याद करने के लिये आते है।

2015 में हुए दस ऐसे उदाहरण जो आपको यकीन दिलाएंगे कि भारत अब भी है ‘सारे जहाँ से अच्छा’ !

भारत वो नहीं जो हमें दिखाया जा रहा है, भारत वो है, जो हम अपने आस पास रोज़ देखते है। ऐसे ही जब हमने अपनी आँखे खोलकर देखने की कोशिश की तो हमें ऐसे उदाहरण दिखाई दिए जो इस बात का सबूत थे कि हमारा देश अब भी ‘सारे जहाँ से अच्छा’ है! आईये आप भी देखे २०१५ में हुए ऐसे १० उदाहरण जो आपको भी इस बात का यकीन दिलाएंगे।

खुद भुखमरी से जूझने के बावजूद, अपनी सारी फसल चिडियों के लिए छोड़ देता है ये किसान!

अशोक सोनुले और उनके परिवार को बड़ी मुश्किल से दो वक्त की रोटी नसीब होती है। उनके परिवार में कुल १२ सदस्य है। आसपास के सभी किसानो की ज़मीने सूखे की वजह से बंजर पड़ी है। पर अशोक के खेत में ज्वार की फसल लहलहा रही है। आईये जानते है कैसे हुई ये फसल और क्या करते है अशोक इस फसल का!

‘बेटी बचाओ’ अभियान ने लगाया कुल्लू के दशहरे पर चार चाँद !

भारत में दो अवसरों पर लोगो की भीड़ एकत्रित होना अनिवार्य है - एक किसी भी उत्सव पर और दूसरा मतदान के मौके पर। इन दोनों ही मौको को 'बेटी बचाओ' अभियान से जोड़कर देश ने एक नया आदर्श स्थापित किया है। आईये देखे कैसे बना यह कीर्तिमान!

क्यूँ है आंध्र प्रदेश की नयी राजधानी, अमरावती, एक अनोखा शहर?

अमरावती - आंध्रप्रदेश की नयी राजधानी इन दिनों काफी चर्चा में है। आईये देखे क्या अनोखा है इस नए शहर में !

महाराष्ट्र के चंद्रपुर के अलौकिक इतिहास को संभाल रहे है अशोक सिंह ठाकुर !

हमारे देश में न जाने कितने ऐतेहासिक महत्व की धरोहरे है, जिनके बारे में हम उनके आस पास रहकर भी नहीं जानते। महाराष्ट्र के नागपुर से सटे चंद्रपुर जिल्हे में भी एक ऐसा ही इतिहास बसता है, जिन्हें यहाँ रहने वाले भी नहीं जानते। पर इस धरोहर के संरक्षण की, तथा इनके बारे में लोगो में जागरूकता फैलाने का जिम्मा उठाया श्री. अशोक सिंह ठाकुर ने!

अमेरिका में २ लाख प्रति माह की नौकरी छोड़, अपने गाँव की सेवा में लगा है ये ‘यंग गाँधी’!

तमिल नाडु के थेंनुर गाँव में रहने वाले सेंथिल गोपालन किसी भी गाँव वाले की तरह सादगी की ज़िन्दगी जी रहे है। फिर इस आम से दिखने वाले गाँव के साधारण नागरिक में ऐसा क्या है की लोग उन्हें 'यंग गांधी' याने की 'युवा गांधी' कहकर बुलाते है?

मुंशी प्रेमचंद के ऐतेहासिक घर को बचाया इस प्रोफेसर तथा उनके छात्रों ने !

सन २००५-२००६ में मुझे यूनिवर्सिटी के कुछ विद्यार्थीयो को पढ़ाने का मौका मिला। एक विषय का असर इस तरह से हुआ कि सभी विद्यार्थीयो की सोच बदल गयी और साहित्य जगत में बड़ा बदलाव हुआ।