हरिवंशराय बच्चन के जन्मतिथि पर पढ़िए उनकी जीवनी के चारो अध्याय के कुछ अंश!

हरिवंशराय बच्चन का नाम सुनते ही याद आती है मधुशाला और उसके मधमय करती कवितायें। पर अपनी इस कालजयी कृति के अलावा भी बच्चन की कई ऐसी रचनाएं है जो समय को लोहा देकर हर काल में नयी लगती है। और ऐसी ही है उनकी लिखी आत्मकथा जो चार खंडो में विस्तृत की गयी है।

हरिवंशराय बच्चन की कविता ‘जुगनू’!

हरिवंशराय बच्चन हिंदी के ओजस्वी कवि हैं। उनकी कविताएँ अँधेरे में रोशनदान बनकर उजाले की आस जगाती हैं। गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम, इलाहाबाद में जन्मे बच्चन साहब विश्वप्रसिद्ध कृति 'मधुशाला' के रचयिता हैं। सिने स्टार अमिताभ बच्चन के पिता, हरिवंश राय बच्चन इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर रहे।