मुंबई के 300 छात्रों ने 2 साल तक हर रविवार साथ मिलकर काम किया और इस गाँव में बना दिये 107 शौचालय।

मुंबई के किशिनचंद चेलारम महाविद्यालय के छात्रो ने सभी को प्रभावित करते हुये पलघर जिले के कारवाले गाँव में 107 शौचालय निर्मित किए हैं जिसमें गाँव में रह रहे हर परिवार के लिए एक शौचालय है।

[विडिओ] : भारत का ख़त आया है…क्या आप पढेंगे?

भारत... हमारा प्यारा देश! सोचिये यदि हमारा देश एक व्यक्ति के रूप में बदलकर हमसे कुछ कहना चाहता तो क्या कहता? या फिर जिस देश में हम ख़ुशी से रहते है, यहाँ के वासी होने पर गर्व महसूस करते है, कभी इसका गुनगान करते है और कभी कोंसते है, वो देश, हमारा भारत हमारे बारे में क्या सोचता होगा? अगर भारत को मौका मिले तो वो हमे कैसा ख़त भेजेगा? आईये जानते है आगाज़ क्रिएशन द्वारा निर्मित इस शोर्ट फिल्म में कि भारत ने ख़त में आपको क्या लिखा है!

पिता ने ठुकरायी माँग, तो पंचायत ने तोहफे में बनवाया शौचालय!

जब एक सोलह साल की सुनीथा की, घर में शौचालय बनवाने की माँग को उसके शराबी पिता ने ठुकरा दिया, तब गांव की पंचायत ने इस बच्ची के लिए एक दिन में शौचालय बनवाकर उसे तोहफे में दे दिया।

बिहार की इस महिला ने घर में शौचालय बनवाने के लिए गिरवी रखा अपना मंगलसूत्र !

बिहार के सासाराम में एक छोटे से गाँव बारहखन्ना की एक महिला ने शौचालय बनवाने के लिए अपना मंगलसूत्र गिरवी रख दिया। उनके इस जज्बे को देखकर जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया और उनके इस कदम से प्रभावित होकर उन्हें जिले के स्वच्छता कार्यक्रम का ब्रांड एम्बेसडर बना दिया।

अपने हाथों से ही प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण बनाने में जुटे हैं ये वृद्ध दंपत्ति ।

सूरत के गौरंग और स्मिता देसाई, वीर सावरकर बाग में जगह-जगह फैले प्लास्टिक के कचरे को उठाकर कूड़ेदान में फेंकते हैं।

दिल्ली के स्ट्रीट फ़ूड को कुछ इस तरह सुरक्षित बना रही है ये संस्था!

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है, कि राह चलते किसी स्ट्रीट फ़ूड पर नज़र पड़ते ही आपकी भूख बढ़ गयी हो, पर आपने उस ठेले वाले के गंदे हाथ देखकर अपना इरादा बदल लिया और आगे बढ़ गए हों? ऐसी परेशानी से यह दुकानवाले अक्सर गुज़रते हैं, और इसी को दूर करने के लिए ' वन रूपी फाउंडेशन' नाम की संस्था ने इन लोगो में दस्ताने (gloves) बांटने की मुहीम चलायी है।