जन्मतिथि विशेष : मिर्ज़ा ग़ालिब की कुछ-सुनी अनसुनी शायरी और उनके पीछे का दर्द!

मिर्ज़ा ग़ालिब के उल्लेख के बगैर उर्दू शायरी की दुनियां अधूरी है। पर शायरी की दुनियां को आबाद करने वाले इस शानदार शायर की ज़्यादातर नज्मे दर्द से भरी हुई है। और ये दर्द उन्हें और कही से नहीं बल्कि अपने ही जीवन से मिला।