मिलिए झारखंड के एक ऐसे व्यक्ति से जिसने जुहू तट पर अब तक 50 जानें बचाई है!

बंटी राव, जुहू तट पर तैनात एक स्वयंसेवक लाइफ गार्ड है जो किसी भी आपात की स्थिति में आपकी मदद को तैयार रहता है ।

मिलिए एक शिक्षक से जो अपनी सिमित आय में भी देखभाल कर रहे है कई बुजुर्गों और अनाथों की!

एक छोटी से छोटी कोशिश भी दुनियां को बेहतर बनाने के लिए महत्त्वपूर्ण पहल है। और हम सब मिलकर छोटी-छोटी कोशिश कर सकते हैं। आज की कहानी है ऐसी ही एक छोटी सी कोशिश की।

अकेली रह रही बुज़ुर्ग महिला का जन्मदिन मनाकर मुंबई पुलिस ने सबका दिल जीता!

ललिता के 83वें जन्मदिन पर मुंबई पुलिस केक लेकर उनके घर पहुँच गयी और उनके जन्मदिन का जश्न उनके साथ मना कर उन्हें चकित कर दिया।

26/11 : अपनी सूझबूझ से ताज के बीसवीं मंजिल पर फंसे 157 लोगों को बचाया था रवि धर्निधिरका ने।

डर और तनाव के बीच इन चार दिनों में मुम्बई ने बेमिसाल सूझबूझ और अदम्य साहस भी देखा। जिस जलते हुए ताज होटल की तस्वीरें लोगों के जहन में छपी हुई हैं उसी ताज में रवि धर्निधिरका मौजूद थे। रवि ने अपने विलक्षण सूझबूझ से अपने साथ-साथ 157 लोगों की जान बचाई थी। ये हैं रवि धर्निधिरका की कहानी!

कचरे से संगीत पैदा करते ‘धारावी रॉक्स बैंड’ के होनहार बच्चे!

कचरा बीनने वाले बच्चो का जीवन बेहद कठोर होता है। सारा दिन गंदगी में से कचरा बीनना, उन्हें अपने ही झोपड़े में लाकर चुनना और फिर जैसे तैसे अपना पेट भरना- बस यही उनका जीवन था। इन बच्चो का बचपन, उनकी गरीबी की बिमारी की वजह से दम तोड़ चुका था। विनोद सिर्फ इनके स्वास्थ्य और बाकी अधिकारों के लिए ही नहीं बल्कि इनके नीरस और कठोर जीवन में थोड़ी सी मिठास लाने के लिए भी कुछ करना चाहते थे। इसी सोच की नींव पर शुरुआत हुई, थिरकते, गुनगुनाते और गुदगुदाते संगीत से भरे बैंड, 'धारावी रॉक्स' की!

मुंबई के डब्बावाले अपने डिब्बे में खाने के साथ साथ पहुंचा रहे है अंगदान करने का सन्देश !

अपने सामाजिक सरोकारों के लिए अनूठी पहचान बना चुके मुंबई डब्बावालों की टीम अब आम लोगों को टिफिन के साथ-साथ अंग दान पर जागरुक भी कर रही है। अंग दान पर जागरुकता के अभाव में कई तरह के मिथक समाज में फैले है। इन मिथको को तोड़ने और आम आदमी को अंग दान से जोड़ने की श्रीमद राजचंद्रन अंगदान कार्यक्रम से जुड़कर मुंबई डब्बावाले समाज को आईना दिखाने का काम कर रहे है।