देशप्रेम के चलते आँगनबाड़ी में काम करने वाली माँ के इस लाल ने छोड़ी TCS कि मोटी तनख्वाह वाली नौकरी, सेना में हुआ भर्ती।

बढ़िया वेतन और सुख सुविधाओं से युक्त जीवन जी रहे भारत दरबार सिंह जाधव टीसीएस में सिस्टम इंजीनियर के रूप मे कार्यरत थे। पर महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के एक छोटे से गाँव में आंगनबाड़ी सहायिका के इस बेटे के भीतर कुछ और हासिल करने का जज़्बा पनप रहा था, उनका मुक़ाम था सेना मे शामिल होकर अपने देश कि सेवा करना।

भारत का जाबांज प्रहरी हवलदार अब्दुल हामिद जिसे मरणोपरांत मिला परम वीर चक्र!

पढ़िए हवलदार अब्दुल हामिद की कहानी जिनके अदम्य साहस और त्याग की वजह से भारतीय सेना 1965 की जंग में पकिस्तान की सेना पर हावी हो सकी।

शहीद जवानो के परिवार की मदद करने के लिए अक्षय कुमार ने खोज निकाला एक बेहतरीन उपाय!

बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता अक्षय कुमार कई बार अपनी बेबाक देशभक्ति के लिए सुर्ख़ियों में आते रहे है। हाल ही में उन्होंने ट्विटर पर एक विडिओ जारी किया है जिससे एक बार फिर ये साबित हो जाता है कि एक बेहतरीन अभिनेता होने के साथ साथ वे एक बेहतरीन इंसान भी है।

भारतीय सेना से जुडी कुछ बातें, जिन्हें पढ़कर आप गौरवांवित महसूस करेंगे।

15 जनवरी 1949 के दिन जनरल सर फ्रांसिस बुचर की जगह लेकर लेफ्टिनेंट जनरल के. एम्. कर्रिअप्पा भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ बन गए। इसी ऐतहासिक दिन की याद में हर साल 15 जनवरी को आर्मी डे के तौर पर मनाया जाता है।

आंध्र प्रदेश के इस छोटे से गाँव के हर घर में है एक सैनिक!

माधवरम की भव्य राइफलों और हेलमेट युद्ध स्मारक के पीछे एक बेहद दिलचस्प दास्ताँ है। अमरावती से 150 किलोमीटर दूर पश्चिमी आंध्र प्रदेश के गोदावरी ज़िले की गोद में बसा एक छोटा सा गाँव है माधवरम। इस गाँव का अपने निवासियों को सैन्य सेवा में भेजने का एक अलग ही शानदार इतिहास है।

ISRO द्वारा बनाए इस उपग्रह की मदद से हुआ सफल भारतीय सेना का सर्जिकल स्ट्राइक !

सर्जिकल स्ट्राइक, दुश्मन पर किये आम हमलो से बहुत अलग होता है। इस तरह के हमले में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि केवल लक्ष्य पर ही हमला हो और बाकि जानोमाल को कोई हानि न पहुंचे। इसके लिए सेना को बिलकुल सटीक और उच्च स्तरीय जानकारी की ज़रूरत होती है। और यही काम किया कारटोसैट सीरीज ने।

सेना को बीस साल से निशुल्क कमांडो ट्रेनिंग दे रहीं देश की पहली महिला कमांडो ट्रेनर!

आज की कहानी सीमा राव के जज्बे की कहानी है। जिनमें देश के लिए बेइंतहा समर्पण है और अपने काम के लिए अपार जूनून!