मिलिए एक शिक्षक से जो अपनी सिमित आय में भी देखभाल कर रहे है कई बुजुर्गों और अनाथों की!

एक छोटी से छोटी कोशिश भी दुनियां को बेहतर बनाने के लिए महत्त्वपूर्ण पहल है। और हम सब मिलकर छोटी-छोटी कोशिश कर सकते हैं। आज की कहानी है ऐसी ही एक छोटी सी कोशिश की।

अकेली रह रही बुज़ुर्ग महिला का जन्मदिन मनाकर मुंबई पुलिस ने सबका दिल जीता!

ललिता के 83वें जन्मदिन पर मुंबई पुलिस केक लेकर उनके घर पहुँच गयी और उनके जन्मदिन का जश्न उनके साथ मना कर उन्हें चकित कर दिया।

BITS पिलानी के इस छात्र ने अपनी तनख्वाह का एक हिस्सा वृद्धाश्रम को दान कर, की एक खूबसूरत बदलाव की पहल!

आज की पीढ़ी इन परंपराओं को बनाये रखने के साथ साथ इनमे कुछ ऐसे बदलाव भी कर रही है जिससे समाज का भला हो। BITS, पिलानी में पढ़ रहे नमन मुनॉट ने भी ऐसे ही एक बदलाव की पहल की है। उन्होंने अपनी पहली तनख्वाह का 20 फीसदी हिस्सा वृद्धाश्रम को दान में दे दिया।

अपनों की बेरुख़ी के शिकार बुजर्गों का सहारा बनी, 100 साल की अरुणा मुख़र्जी!

असम की 100 वर्षीय अरुणा मुख़र्जी ने गुवाहाटी नागरिक प्रशाशन से एक वृद्धाश्रम खोलने की अनुमति माँगी है। इस वृद्धाश्रम का संचालन वो खुद ही करेंगी।

सौ साल की मन कौर ने वैनक्युवर सीनियर गेम्स प्रतियोगिता में भाग लेकर, बढ़ाया भारत का मान!

अग़र हौंसले बुलंद हों और इरादे चट्टान से, तो बढ़ती उम्र और लिंग जैसी बंदिशें अपने आप टूट कर बिखर जाती हैं। कुछ ऐसे ही मज़बूत इरादे और ज़ज्बा है 100 साल की मन कौर में। मन कौर वैनक्युवर सीनियर गेम्स प्रतियोगिता में सबसे उम्रदराज़ महिला प्रतिभागी बन गयीं हैं।

निःशुल्क टिफ़िन सेवा के बदले बुजुर्गों की दुआएं बटोर रहे है मुंबई के मार्क !

आई सी कॉलोनी, बोरीवली, मुंबई में रहने वाले, ४० वर्षीय मार्क डी’सूजा ने अपनी ख़ुशी उन वृद्धो की मुस्कान में खोज ली है जिन्हें वे पिछले तीन सालों से मुफ्त टिफ़िन सेवा दे रहे हैं। आइये जानते हैं मार्क का ये सफ़र।