स्कूल बैग के बोझ से परेशान दो छात्रों ने प्रेस कांफ्रेस में बतायी अपनी तकलीफ।

विद्या निकेतन स्कूल के 12 वर्षीय दो छात्रों ने भारी बस्ते से होने वाली परेशानी को बताने के लिए संवाददाता सम्मेलन करने की इच्छा जाहिर की।

चार स्कूली बच्चो की मदद से पकड़ा गया अंतर्राष्ट्रीय देह व्यापार से जुड़ा एक गिरोह!

9 जून को दार्जिलिंग के चार स्कूली बच्चो ने मिलकर एक अंतर्राष्ट्रीय देह व्यापार से जुड़े आरोपियों को पकडवाने में पुलिस की मदद की।

मजदूर माँ के जल जाने पर १३ वर्षीय बेटे ने बनाया एक सस्ता अग्नि रोधक यंत्र !

तमिलनाडु में बसा सिवाकासी वहां के पटाखो के कारखानों का केंद्र है। यह पूरे देश की ९० प्रतिशत पटाखों की मांग को अकेले पूरा करने वाला क्षेत्र है। यही कारण है कि यह कई दुर्घटनाओ का भी केंद्र बना हुआ है ।

एक अखबार जिसके पत्रकार, संपादक और विक्रेता है फुटपाथ पर रहनेवाले मासूम बच्चे !

देश में लाखो मसले है, जिनमे से एक है बालमजदूरी और उससे जुडी हुई मजबूरियां। जब फुटपाथ पर रह रहे कुछ बच्चो ने देखा कि किसी अखबार या मीडिया में उनकी समस्याओ के लिए कोई जगह नहीं है, तब उन्होंने अपनी बात आप तक पहुंचाने के लिए स्वयं ही एक अखबार चलाना शुरू कर दिया। आईये जाने इन बच्चो के इस अखबार के बारे में !