भारत का जाबांज प्रहरी हवलदार अब्दुल हामिद जिसे मरणोपरांत मिला परम वीर चक्र!

पढ़िए हवलदार अब्दुल हामिद की कहानी जिनके अदम्य साहस और त्याग की वजह से भारतीय सेना 1965 की जंग में पकिस्तान की सेना पर हावी हो सकी।

इस बहादुरी भरे कारनामे के लिए मिला हवलदार तेजेश को राष्ट्रपति के हाथो जीवन रक्षा पदक!

मुंबई पुलिस में कार्यरत हवलदार तेजेश सोनावने के लिए 15 फरवरी 2016 का दिन किसी भी आम दिन की तरह ही गुज़र रहा था। अचानक उन्हें पता चला कि पास ही की एक इमारत पर कोई आदमी चढ़ गया है और वहां से कूद कर अपनी जान दे देने की धमकी दे रहा है।

इस महिला ने व्हाट्स अप पर इनकी अश्लील अफवाह फैलाने वाले से अनाथ आश्रम में रु.25000 दान करवाया

श्रीलक्ष्मी के इस जानने वाले ने उनका फ़ोन नंबर व्हाट्स अप पर साझा करते हुए साथ में लिखा था कि 'ये उपलब्ध है' और उन्हें 'सुपर आइटम' लिखकर संबोधित किया था। इसके बाद श्रीलक्ष्मी को अनजान लोगो के कॉल आने शुरू हो गए।

मुंबई पुलिस के इस जांबाज़ हवलदार ने नंगे पाँव पहाड़ चढ़ कर बचाई एक शख्स की जान!

आत्महत्या करने का इरादा रखने वाले एक शख्स के पहाड़ पर चढ़ने की खबर जैसे ही मुंबई पुलिस को मिली तो वे घटनास्थल पर तुरंत पहुँच गए। स्थिति बेहद नाज़ुक थी पर हवलदार सुहास नेवसे की हिम्मत और सूझ बुझ से इस शख्स को बचा लिया गया।

17 कीमी का सफ़र तय कर, रोज़ 10 घंटे तक करती है सरबजीत कौर सीमा से सटे अस्पताल में मरीजों की मदद !

अपने पति को खो चुकी सरबजीत अपनी दोनों बच्चियों और माँ के साथ अमृतसर से 45 कीमी दूर अटारी गाँव में रहती है। इसी गांव से 17 कीमी की दूरी पर है नौशेरा ढल्ला गाँव जहां के सरकारी अस्पताल में सरबजीत काम करती है। ये अस्पताल सीमा से महज़ 200 मीटर की दूरी पर है।

इस क्रिकेट खिलाड़ी ने 3 बच्चो की जान बचाते हुए दे दी अपनी जान !

उन्होंने देखा कि एक 12 साल की बच्ची ढहती हुयी इमारत के निचे खड़ी थी। तभी बबलू ने तुरंत दौड़कर बच्ची को बचा लिया। बबलू ने और एक बच्चे को भी बचा लिया और तीसरे बच्चे को बचाने के लिये कूद पड़े। दुर्भाग्यवश तिसरे बच्चे को बचाते हुए बबलू को खुद की जान जोखिम में डालनी पड़ी।

अपनी सूझ-बूझ से शिमला की एक गृहणी ने बचाई असम रायफल्स के एक घायल जवान की जान !

अपनी सूझबूझ और तत्परता से शिमला की एक महिला वीणा शर्मा ने असम रायफल्स के एक जवान को उस समय मौत के मुँह में जाने से बचाया जिस समय बाकी जवान एकदम असहाय महसूस कर रहे थे।

ज़ंजीर: एक बहादुर कुत्ता, जिसने 1993 मुंबई बम धमाकों में हजारों लोगों की जान बचाई !

बम निरोधक दस्ते के साथ काम करते हुए 'जंजीर' ने लगभग 3329 किलोग्राम से ज्यादा आरडीएक्स विस्फोटक, 600 डेटोनेटर, 249 हैण्ड ग्रेनेड और 6000 राउण्ड्स से ज्यादा कारतूस ढूँढ निकाला। जंजीर की बहादुरी के कारण ही मुंबई में सीरियल बम धमाकों में से तीन बम धमाके टल गए और अनगिनत लोगों की जान बच गई।

चार स्कूली बच्चो की मदद से पकड़ा गया अंतर्राष्ट्रीय देह व्यापार से जुड़ा एक गिरोह!

9 जून को दार्जिलिंग के चार स्कूली बच्चो ने मिलकर एक अंतर्राष्ट्रीय देह व्यापार से जुड़े आरोपियों को पकडवाने में पुलिस की मदद की।

गाँव में पुल बनवाने के लिए १४ साल का बच्चा तैर के जाने लगा स्कूल!

बच्चे अक्सर जिद्दी होते हैं। कई बार बच्चे की जिद के कारण माता-पिता उसे डाँट भी देते हैं। लेकिन केरल के एक १४ साल के बच्चे की जिद के आगे विधायक और कलक्टर को भी झुकना पड़ा।

इस २२ वर्षीया छात्रा ने अकेले बचाया गुजरात के १११ बाल मजदूरों को !

अहमदाबाद की छात्रा झरना जोशी केवल २२ साल की है पर इस छोटी सी उम्र में उन्होंने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो बड़े बड़े नहीं कर पायें। झरना ने अकेले ही एक गुप्त मिशन के चलाकर १११ मासूम बाल मजदूरों को मोरबी के सिरेमिक कारखाने से बचाकर निकाला।

जानिये भारत की पहली महिला जासूस, रजनी पंडित के दिलचस्प किस्से !

भारत की पहली महिला जासूस के हिसाब से ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहां महिलाये काम करे और सफल ना हो पांए। आइये जानते है एक महिला जासूस की दिलचस्प कहानियाँ और काम के दौरान उनके द्वारा निभाये गये विभिन्न भूमिकांओ के किस्से।

मिलिए अक्षय कुमार को गौरवान्वित करने वाली 19 साल की श्रेया नाइक से !

अक्षय कुमार के इंस्टिट्यूट की छात्रा ने छेड़खानी करने का प्रयास करने वाले गुंडे से अकेले ही न सिर्फ लोहा ले लिया बल्कि उसे अपने सामने गिडगिडाने पर भी मजबूर कर दिया।