पढ़िए, पं. भगवतीप्रसाद वाजपेयी की लिखी कहानी – ‘मिठाईवाला’!

रोहिणी अचंभित है कि आखिर उसके गाँव में आनेवाला फेरीवाला कभी खिलौने बेचता है तो कभी मुरली और अंत में मिठाई बेचने लगता है। पर जो भी चीज़ वो लाता है, वह बहुत ही सस्ते दाम पर बेचता है। आखिर एक दिन रोहिणी उससे पूछ ही लेती है कि वह ऐसा क्यूँ करता है। कारण जानकार आपकी भी आँखे भर आएँगी!