हरिवंशराय बच्चन के जन्मतिथि पर पढ़िए उनकी जीवनी के चारो अध्याय के कुछ अंश!

हरिवंशराय बच्चन का नाम सुनते ही याद आती है मधुशाला और उसके मधमय करती कवितायें। पर अपनी इस कालजयी कृति के अलावा भी बच्चन की कई ऐसी रचनाएं है जो समय को लोहा देकर हर काल में नयी लगती है। और ऐसी ही है उनकी लिखी आत्मकथा जो चार खंडो में विस्तृत की गयी है।