एक और महावीर और गीता – मिलिए कुश्ती में लडको को पछाड़ने वाली महिमा राठोड से!

हाल ही में रिलीज़ हुई दंगल फिल्म को देखकर हम सभी भावुक हुए, पर 16 साल की महिमा जब ये फिल्म अपने पिता के साथ देखने गयी तो उसके आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। कारण था फिल्म में दिखाए महावीर सिंह फोगाट का अपनी बेटियों के लिए किया गया संघर्ष जो की हु-ब-हु महिमा के पिता राजू राठोड की कहानी से मिलती जुलती है।

महिला क्रिकेट: पाकिस्तान को हराकर भारत बना एशिया कप विजेता!

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को बैंकॉक के एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ग्राउंड पर खेले गए फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 17 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) महिला टी-20 एशिया कप खिताब हासिल किया।

दिल्ली के अखाड़े से लेकर ‘दंगल’ तक – महावीर सिंह फोगाट की कहानी!

इस साल की सबसे प्रतीक्षित फिल्म 'दंगल' के कुछ अंश देखकर ही दर्शको में खासा उत्साह है। और हो भी क्यूँ ना? हाल ही में साक्षी मलिक के रिओ ओलंपिक्स में फ्रीस्टाइल कुश्ती में पहला पदक जीतने के बाद, इस खेल में सभी की दिलचस्पी बढ़ गयी है। और जब कुश्ती की बात आती है तो हर भारतीय को उन छह बहनों की याद ज़रूर आती है जिन्होंने देश का नाम हमेशा उंचा किया है। ये छह बहने है गीता फोगाट, बबिता फोगाट, विनेश फोगाट, प्रियंका फोगाट, ऋतू फोगाट और संगीता फोगाट।

बेटी की शादी के लिए जोड़े हुए पैसो से उसके लिए 5 लाख की राइफल खरीद, मिसाल खड़ी की इस ऑटो-चालाक ने!

जिस दिन किसी घर के आँगन में कोई नन्ही सी कली खिलती है, उसी दिन से पिता उसकी शादी के लिए धन पाई-पाई जोड़ना शुरू कर देता है। पर अहमदाबाद में एक ऑटोरिक्शा ड्राईवर पिता ने इस सोच को बदल दिया है। उन्होंने बेटी की शादी से ज़्यादा उसके सपनों को सच करना ज़रूरी समझा।

इस छोटे से गाँव की 18 लड़कियों के हुनर को ओलिंपिक की राह दिखा रहे है आजमगढ़ के कोच अवधेश यादव !

आँखों में कुछ सपने , दिल में एक जूनून और हुनर हम सभी में होता है पर सही मार्गदर्शन के अभाव में हमारे ख्वाब अधूरे ही रह जाते हैं। पर उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव निबि में एक शख़्स ऐसा भी है जो अपने दिशानिर्देशन और लगन से कुछ ऐसे ही ख्वाबों को एक मुक़म्मल परवाज़ देने की कोशिश में जुटा हुआ है।

भारत में गोल्फ को नयी पहचान देती ‘अदिति अशोक’।

भले ही अदिति अशोक भारत के लिए मेडल न ला पायीं हो, लेकिन उनकी उपलब्धि किसी मायने में कम नहीं है। अदिति फाइनल में पहुचँने वाली पहली भारतीय गोल्फर हैं। महिला गोल्फ के दूसरे दौर में अदिति ने सातवें स्थान के साथ फाइनल्स में जगह बनाई, हालाकिं फइनल में वह अपना प्रदर्शन जारी नहीं रख पाईं, लेकिन इसके बाद भी उनका नाम इतिहास में खुबसूरत अक्षरों में लिखा जायेगा।

गोपीचंद की मेहनत और सिंधु की लगन ने आखिर भारत को दिलाया रजत पदक!

हम सभी को हीरे की जगमगाहट आकर्षित करती है पर उसकी जगमगाहट के पिछे जिसका हाथ है उस जौहरी पर अक्सर हमारी नज़र भी नहीं पड़ती । हीरे की जगमगाती ख़ूबसूरती के पीछे एक जौहरी के सधे हुए हाथ, धैर्य , मेहनत और लगन होती है। ठीक इसी तरह रियो ओलंपिक्स 2016 में भारतीय महिला बैडमिंटन की शटलर क्वीन पी. वी. सिंधु के तूफानी प्रदर्शन के पीछे उनके गुरु, कोच पुलेला गोपीचंद की कड़ी मेहनत और सिन्धु पर दिखाए अपार विश्वास का हाथ है।

ओलंपिक में क्वालिफाई करने वाली पहली भारतीय जिम्नास्ट दीपा करमाकर ने जगायी पदक की उम्मीद !

भारत की बेटी दीपा करमाकर ने एक बार फिर इतिहास कायम करते हुए ओलंपिक फाइनल में क्वालीफाई करने वाली भारत की पहली महिला जिम्नास्ट का दर्जा हासिल किया।

बिना हाथों के इस युवक ने तैराकी में जीते तीन स्वर्ण पदक!

हौसले की उड़ान बिना परों के होती है। बेशक़ तिनके का भी सहारा न हों जूनून उफनते पानी को पार कर ही जाता है। कुछ ऐसी ही कहानी है हमारे आज के नायक, विश्वास की। जिनका खुद में विश्वास उन्हें लाख मुश्किलों के बीच से निकाल कर आज दुनियां के शिखर पर ले आया है।

एक बालिका वधु और दो बच्चो की माँ, नीतू सरकार कैसे बनी एक अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन!

यह एक ऐसी महिला की प्रेरणास्पद कहानी है, जिसने बालिका वधु बनने के बाद आ रही चुनौतियों का डट कर सामना किया और आज एक अन्तराष्ट्रीय स्तर की मुक्केबाज़ हैं।

अपंगत्व को मात देकर अभिषेक ठावरे बन गया है भारत का पहला तिरंदाज जो दातों से कमान खीचता है!!!

नसीब ने उसका दायिना हाथ और पैर छिनकर उसे हरा दिया था पर अभिषेक ठावरे नसीब को मात देकर भारत का दातों से कमान खिचनेवाला पहला तीरंदाज (टीथ आर्चर) बन गया।

दोनों हाथ खोने के बाद भी, जम्मू-कश्मीर स्टेट क्रिकेट टीम के लिए खेलते है आमिर!

आमिर हुसैन लोन उस वक्त महज़ आठ साल के थे जब एक दुर्घटना में उन्हें अपने दोनों हाथ गंवाने पड़े। आज, २६ वर्ष की आयु में, वह जम्मू कश्मीर की राज्य पैरा क्रिकेट टीम (state para-cricket team) के कप्तान है।