शहर के थकान भरे अस्त-व्यस्त जीवन को छोड़ इस परिवार ने केरल में रखी प्रदूषण मुक्त गाँव की नींव!

ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के बढ़ते कहर के बारे में जहाँ एक तरफ हम सिर्फ चिंता कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केरल के कुछ परिवार जुटे हैं एक जैविक गाँव बनाने में। मोहन चावड़ा के मार्गदर्शन में बन रहा यह गाँव एक प्रेरणा हैं आने वाली पीढ़ियों को एक खूबसूरत दुनिया सौंपने का और बेहतर भारत बनाने का।

अब प्लास्टिक के कूड़े को खरीदकर सड़क बनाएगी केरल सरकार!

केरल सरकार ने वेस्ट मैनेजमेंट की ओर सकारात्मक कदम उठाते हुए एक बेहतरीन पहल की है। प्लास्टिक से बने पदार्थों के बढ़ते प्रयोग के बाद होने वाले कूड़े के लिये केरल सरकार की क्लीन केरला कंपनी ने इस पहल को ईजाद किया है।

क्यूँ कभी बीमार नहीं पड़ते हरी और आशा – जाने इनकी जीवनशैली !

बाहर का तापमान 40 डिग्री होने के बावजूद भी यह दम्पति एक ऐसे घर में रह रहा है, जहा एक भी पंखा नहीं है। यह जगह एक जंगल की तरह विकसित है जहाँ किसी भी तरह का शहरी शोरगुल नहीं है। इन लोगों ने अपने लिए एक ऐसा माहौल बनाया है जो प्रकृति के बेहद करीब है। और इनकी इस कठोर परिश्रम का फल इन्हें अपने अच्छे स्वास्थ्य के रूप में मिला है। पिछले 17 सालो में इस दंपत्ति को एक बार भी दवाई की ज़रूरत नहीं पड़ी है।