‘पाश’ की कविता ‘सबसे खतरनाक’!

9 सितंबर 1950 को पंजाब के जलंधर जिले के गाँव तलवंडी सलेम में सेवानिवृत्त मेजर सोहन सिंह संधू के घर एक बालक का जन्म हुआ। नाम रखा गया - अवतार सिंह। किशोरावस्था में पहुँचने तक अवतार सिंह ने सामाजिक तथा राजनितिक कार्यो में रूचि लेनी शुरू कर दी थी। इन्होने अपनी कलम के ज़रिये पुरे पंजाब में क्रांति फैला दी। और आगे चलकर अवतार सिंह संधू क्रांतिकारी पंजाबी कवी 'पाश' के नाम से मशहूर हो गए।

रामधारी सिंह दिनकर की कविता – ‘समर शेष है’ !

आज रामधारी सिंह दिनकर के जन्मदिन पर हम आपके लिए उनकी एक ऐसी कविता लाये है जो उन्होंने आजादी के ठीक सात वर्ष बाद लिखी थी। आज़ादी को 69 साल बीत गए। पर दिनकर की ये कविता मानो आज ही की लिखी हुई तस्वीर ज्ञात होती है। कविता का नाम है - 'समर शेष है'।