कभी 40 कम्पनियों से नकारे गए थे ये इंजिनियर; आज हैं एक सफल स्टार्ट अप के मालिक!

'पढ़ेगा इंडिया' साउथ दिल्ली में सेकेण्ड हैण्ड किताबें ऐसे लोगों तक पहुंचा रहा है जिनके पास महँगी किताबें खरीदने की क्षमता और दुर्लभ किताबों तक पहुँच नहीं है.

देशप्रेम के चलते आँगनबाड़ी में काम करने वाली माँ के इस लाल ने छोड़ी TCS कि मोटी तनख्वाह वाली नौकरी, सेना में हुआ भर्ती।

बढ़िया वेतन और सुख सुविधाओं से युक्त जीवन जी रहे भारत दरबार सिंह जाधव टीसीएस में सिस्टम इंजीनियर के रूप मे कार्यरत थे। पर महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के एक छोटे से गाँव में आंगनबाड़ी सहायिका के इस बेटे के भीतर कुछ और हासिल करने का जज़्बा पनप रहा था, उनका मुक़ाम था सेना मे शामिल होकर अपने देश कि सेवा करना।

पुरे गाँव की मदद से एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे ने आइआइटी में पढाई की और आज है गूगल में इंजिनियर!

जब एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे को भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश का अवसर मिला तो कैसे पूरे कस्बे ने आगे आकार उनकी मदद की; और आज वह गूगल के सिएटल  स्थित कार्यालय में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।

हिन्दी फ़िल्मे जो भारत निर्माण में अभियंता (इंजिनियर) की भूमिका दर्शाते है!

भारतीय सिनेमा किसी ना किसी रूप मे हमारे समाज को भारत निर्माण के लिए प्रेरित का रहे इन इंजिनीयर्स के महत्वपूर्ण योगदान का उत्परेरक रहा है. भारत के इन्ही महान इंजिनीयर्स को समर्पित करते हुए, चलिए आज उन चार फ़िल्मो की चर्चा करे जो की इस बेहतरीन पेशे को रुपेहले पर्दे पर और बेहतरीन बनाने मे सफल रहे है.