“मैं तुझे फिर मिलूंगी…” – अमृता प्रीतम !

6 बरस की उम्र में सगाई, 11 बरस में मां का निधन, 16 बरस की उम्र में पहली किताब और सोलह बरस की उम्र में ही प्रीतम सिंह से विवाह। आजीवन साहिर से उत्‍कट प्रेम और जीवन के अंतिम पलों तक लगभग 50 बरस तक इमरोज का साथ। बस इतनी सी थी 31 अगस्त 1919 को पंजाब के गूंजरांवाला में जन्मी अमृता प्रीतम की कहानी। पर इतनी सी कहानी में वे अपनी खुद की इतनी सारी कहानियाँ छोड़ गयी कि साहित्य जगत उनके उल्लेख के बगैर अपूर्ण सा लगने लगा।