26/11 : अपनी सूझबूझ से ताज के बीसवीं मंजिल पर फंसे 157 लोगों को बचाया था रवि धर्निधिरका ने।

डर और तनाव के बीच इन चार दिनों में मुम्बई ने बेमिसाल सूझबूझ और अदम्य साहस भी देखा। जिस जलते हुए ताज होटल की तस्वीरें लोगों के जहन में छपी हुई हैं उसी ताज में रवि धर्निधिरका मौजूद थे। रवि ने अपने विलक्षण सूझबूझ से अपने साथ-साथ 157 लोगों की जान बचाई थी। ये हैं रवि धर्निधिरका की कहानी!

इस राखी में लगे बीज को बोयियें और जुड़े रहिये इन्हें बनाने वाले किसानो और बुनकरों से !

ग्राम आर्ट प्रोजेक्ट ने खास राखियाँ तैयार की हैं जो उन्हें बनाने वाले कामगरों की कहानी कहती हैं। पहली बार ग्राहक उन किसानो से जुड़ेंगे जिन्होंने इस राखी के लिए कपास उगाया है और उन बुनकरों को जानेगे जिन्होंने इसके धागे बुने है।

बुज़ुर्गों को अकेलेपन से दूर करने के लिए नाटूभाई चला रहे हैं मैरेज ब्यूरो!

नाटूभाई का मानना है प्यार किसी भी उम्र में हो सकता है। इसलिए समाज की परवाह न करते हुए वृद्ध लोगों को शादी कर लेनी चाहिए। नाटूभाई 50 वर्ष से ज्यादा की उम्र के लोगों को जीवनसाथी ढूँढने में मदद कर रहे हैं।

लोगों की छतें रंगकर औऱ जमीन में संगमरमर तराशकर अपना घर संवार रही हैं राधा और सविता!

किसी निर्माणाधीन इमारत के बनने की कल्पना कीजिए। आपकी कल्पना में ठेकेदार से लेकर मजदूर, बढ़ई, पेन्टर, सब पुरूष ही होंगे। हकीकत भी इस कल्पना के करीब ही है। ऐसी जगहों पर महिलाएं काम करती भी हैं तो वो मजदूरी का ही काम करती हैं। इसके लिए उन्हें पैसे भी नाम मात्र के ही मिलते हैं। जबकि, अगर इन्हें मौका मिले तो अपने कौशल से न सिर्फ अपनेआप को पुरूषों से बेहतर सिद्ध कर सकती हैं, बल्कि सारे काम बिना किसी पुरूष सहयोगी के निबटा सकती हैं।

रेप पीड़िता को बहु बनाकर कानूनी लड़ाई में साथ दे रहा है हरियाणा का ये किसान परिवार!

29 साल के जितेन्द्र छत्तर जिंद प्रांत के किसान हैं। समाज की धारणा को ठुकराते हुए उन्होंने एक रेप पीड़िता से शादी करने का निर्णय लिया। अब वो अपनी पत्नी की न्याय पाने की लड़ाई में भी उनका बखूबी साथ निभा रहे हैं। जितेन्द्र ने अपनी पत्नी का दाखिला एक लॉ स्कूल में करा दिया है जिससे वो अपनी लड़ाई खुद लड़ सकें।

मल उठाने वालो को सम्मान से जीना सिखाने वाले बेज़वाड़ा विल्सन को मिला रेमन मैगसेसे पुरस्कार !

बेज़वाड़ा विल्सन को इस साल, एशिया का नोबेल कहे जाने वाले प्रतिष्टित 'रेमन मैगसेसे पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें मानव मल साफ करने वाले श्रमिकों के उद्धाऱ के प्रति अपूर्व योगदान के लिए दिया गया। बेजवाड़ा कहते हैं कि वे तब तक संतुष्ट नहीं होंगे जब तक मल उठाने वाला आखिरी व्यक्ति भी अपना काम न छोड़ दे।

INA में सेनानी रह चुकी रमा बेन है देश की सबसे बुज़ुर्ग पर्यटक गाइड !

89 वर्ष की उम्र में रमा सत्येन्द्र खंडवाला (रमा बेन) न सिर्फ सबसे वृद्ध पर्यटक गाइड हैं बल्कि INA की श्रेष्ठ सैनिक भी रह चुकी हैं।

भारत की सबसे छोटी ट्रांसजेंडर ने स्कूल की स्टेज पर सबको बताई अपनी लैंगिक पहचान !

17 साल की नैना दिल्ली के बसंत वैली स्कूल की छात्रा है। 2015 में अपने स्कूल में उसने स्टेज पर जाकर सभी के सामने अपने ट्रांसजेंडर होने की घोषणा कर दी। नैना की ये बेबाकी और आत्मविश्वास दूसरों के लिए प्रेरणा है। नैना भारत में सार्वजनिक रूप से अपनी लैंगिक पहचान बताने वाली सबसे छोटी ट्रांसजेंडर हैं। उनके साथ उनकी माँ और उनके दोस्तों का पूरा सहयोग है।

रोहित खंडेलवाल बनें मिस्टर वर्ल्ड का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय!

19 जुलाई को यह प्रतियोगिता UK के साउथपोर्ट में आयोजित की गयी। 26 साल के रोहित ने 46 अन्य प्रतियोगियों को हराकर ये खिताब हासिल किया।

सियाचिन की सैर कराएगी भारतीय सेना, खुले हैं आवेदन!

भारतीय सेना हर साल सियाचिन ग्लेशियर पर आम लोगों के लिए ट्रेक आयोजित करती है। इस ट्रेक का आयोजन अगस्त से सितम्बर के बीच होता है। पहली बार इस ट्रेक का आयोजन 2007 में हुआ था। 13 दिन का ये ट्रेक आर्मी एडवेंचर विंग की देखरेख में किया जाता है। ट्रेक पर जाने के लिए 30-40 लोगों का चयन किया जाता है।

कश्मीर में उपद्रव के बीच, 40 किमी पैदल चलकर, घायलों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंची ये नर्स !

रविवार को कश्मीर में हिंसा और तनाव फैला हुआ था। दुकानों के शटर गिरे हुए थे, सड़के पत्थर ही पत्थर नज़र आ रहे थे। खौफ के मारे लोग अपने घरों में ही छुपे बैठे थे। ऐसे हालात में दो नर्सें 40 किलोमीटर पैदल चलकर ड्यूटी करने अस्पलात पहुँचीं।

ऑपरेशन संकटमोचन: अब तक 149 भारतीयों को हिंसाग्रस्त दक्षिण सूडान से लाने में कामयाब !

हिंसाग्रस्त दक्षिण सूडान में फंसे हुए भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए वायुसेना ने 2 एयरक्राफ्ट, जूबा भेजे हैं। वायुसेना के दो C-17 एयरक्राफ्ट से सूडान में फँसे लगभग 600 भारतीयों को वापस लाया जाएगा।

अमरनाथ यात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई तो कर्फ्यू तोड़ कर बचाने पहुंचे कश्मीरी मुसलमान !

स्थानीय मुसलमानों ने जब अमरनाथ यात्रियों की चीखें सुनी तो उनकी मदद के लिए भागे। वहीं उन्हें पानी और फर्स्ट-एड उपलब्ध कराया गया। हिंसाग्रस्त क्षेत्र में कर्फ्यू को तोड़ते हुए अपने निजी वाहनों में वे घायलों को अस्पताल ले गए।

अपने हाथों से ही प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण बनाने में जुटे हैं ये वृद्ध दंपत्ति ।

सूरत के गौरंग और स्मिता देसाई, वीर सावरकर बाग में जगह-जगह फैले प्लास्टिक के कचरे को उठाकर कूड़ेदान में फेंकते हैं।

मुंबई में बना देश का पहला बीज कोष (Seed Bank ) !

सोसायटी फॉर एनवायर्नमेंट कंज़रवेशन एंड रीसर्च (SECR) और इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस मिलकर मुंबई में एक बीज कोष (सीड बैंक ) बना रहे हैं।