२० अगस्त की रात दिल्ली में एक विदेशी महिला पर आक्रमण हुआ। आक्रमणकारी ने उससे उसका फ़ोन छिनने का प्रयास किया तथा इसी क्रम में महिला को पीटने तथा उससे दुर्व्यवहार की कोशिश भी की । किन्तु समय रहते कुछ लडको ने उसके इस कुप्रयास को न सिर्फ विफल किया बल्कि इस आक्रमणकारी को जेल तक भी पंहुचा दिया।

एक सुनसान सड़क, अकेली महिला, रात का दूसरा प्रहर- एक छोटी लूटपाट के लिए आदर्श स्थल! शायद ऐसा ही कुछ विचार उस चोर के मन में भी आया होगा। किन्तु जो होने वाला था उसके लिए वह खुद भी तैयार नहीं था।

आज वो सलाखों के पीछे है, कारण है वे लड़के जिन्होंने अपनी बहादुरी से उस अकेली महिला की रक्षा की।

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यह पूरी घटना २० अगस्त २०१५  को रात के १२:३० बजे घटित हुई तथा वहां लगे एक सीसीटीवी  कैमरे में कैद हो गयी।

कैमरे से प्राप्त विडियो में दिख रहा है कि एक विदेशी महिला फ़ोन पर किसी से बात करती हुई जा रही है। इसी समय एक व्यक्ति उसका पीछा कर रहा है। कुछ देर उसका पीछा करने के बाद एक सुनसान जगह देख यह व्यक्ति महिला का फ़ोन छीनने का प्रयास करता है। महिला के  विरोध करने पर,  बौखला कर चोर उसे पीटता है तथा उसके साथ दुर्व्यवहार करता है। तभी वहां पास के पार्क में खेल रहे कुछ लडको को इस महिला की चीख सुनाई पड़ी और इन लडको ने उस चोर का पीछा किया।

कुछ दूर तक पीछा करने के बाद आखिरकार लड़के उसे पकड़ने में सफल हुए तथा उसे घटनास्थल पर ले कर आ गए। तब तक वहां भीड़ जमा हो चुकी थी। उसी भीड़ से सूरज नामक एक व्यक्ति ने पुलिस को भी बुला लिया था।

Uzbuk की रहने वाली यह महिला तीन महीने पहने किसी व्यापारिक कार्य से भारत आई थी तथा अभी मालवीय नगर में रह रही है। इस घटना से वह काफी डर गयी है और भारत से लौटने का विचार कर रही है।

जिन लडको ने अपनी बहादुरी से इस लूट की घटना को असफल बनाया उनके नाम निम्नलिखित हैं –

सार्थक शर्मा – 12वीं का छात्र, एल बी एस विद्यालय, आर के पुरम

अरुण सिंह राजपूत – 12वीं कक्षा, संत पॉल विद्यालय

जप्नीत – शहीद भगत सिंह कॉलेज का छात्र

आयुष जोशी- १२वीं का छात्र

इन युवाओं को हमारी ओर से बधाई जिन्होंने एक ज़रूरतमंद की मदद कर बाकी युवाओं के लिए एक मिसाल खड़ी की है।

इस पूरी घटना का फुटेज देखे –

मूल लेख – श्रेया पारीक 

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