र्मियां आते ही आइसक्रीम और आमों का ख्याल मन में आने लगता है इसके साथ ही हम ऐ.सी. की ठंडी हवा के लिए बेताब हो जाते हैं । इस समय जब हम गर्मियों में ठंडक देने वाले खानों और खुद को ठण्ड पहुंचाने वाली चीजों से जुड़ने लगते हैं, हमारे बगीचे सूरज के तपती किरणों को झेल कर सूखते चले जाते हैं । आइये हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे सरल उपायों के बारे में जिससे कडाके की धूप में भी हमारे पौधे सुरक्षित रहे ।

1. मौसमी पौधे मौसम के अनुसार ढल जाते हैं

तरबूज गर्मियों के लिए एक उपयुक्त पौधा है। Image source: Geekgardener

पौधे मौसम के अनुसार बढ़ते हैं । कुछ जाड़ों में बड़े होते हैं तो कुछ गर्मियों में । आवश्यकता अनुसार पानी और खाद मिलने पर मिर्च, खीरे, बैंगन और तरबूज इस मौसम के लिए बेहतर विकल्प हैं और इन्हें हम गमलों में भी उगा सकते हैं ।

2. सही समय पर दी गयी छाँव के फायदे

A garden shade. Image source: Flickr

छाँव के लिए काम आने वाले कपड़ों पर कुछ पैसे खर्च कीजिये। ये आपको ऑनलाइन या फिर किसी भी बागवानी के दूकान में आसानी से मिल जायेंगे।अपने पौधों के हिसाब से आप इनका चुनाव कर सकते है। इसे पेड़ों के ऊपर या किनारे लगायें।

3. सही समय पर पानी दीजिये

गर्मी के मौसम में पौधों को पानी देने का सबसे बढ़िया समय या तो सुबह है या शाम क्यूंकि इस समय पानी ठंडा रहता है । बागवानी करने का उचित समय? सुबह १० बजे के पहले या शाम ४ बजे के बाद ।

4. थोड़ी मात्रा में पानी का छिडकाव करें

पानी के झरने,मग या बाल्टियों से हम पानी का छिडकाव कर सकते हैं। Image source: Pixabay

पानी के पाईप की जगह मग या छिड़काव के लिए बाज़ार में मिलने वाले बर्तनों का इस्तेमाल करें । गर्मियों में हर जगह पानी की दिक्कत बनी रहती है इस लिए यह ज़रूरी है की हम सबसे उचित साधन को चुनें ।

5. पौधे भी हमारे दोस्त बन सकते हैं

बड़े और मज़बूत पेड़ अक्सर छोटे पौधों को छाँव देने का काम करते हैं। इसे अपना मित्र मानें और अपने बगीचे की व्यवस्था इस सिद्धांत पर करें ।

6. मिट्टियों की नमी का ख्याल रखें

Image source: Pixabay

हमारें पेड़ो के लिए अधिक पानी भी नुकसानदेह होता है। पानी के छिडकाव के पहले मिटटी की नमी को परखें। पानी तब तक न डालें जब तक मिट्टी सूखी न हो या फिर टहनियों या पत्तों पर पानी छिड़क कर छोड़ दें।

7. स्थिर पानी गहराई तक जाता है

पानी को जमा करने से बचें। चाहे वो मिट्टियों में हो या फिर गमले में। यह मछरों को आमंत्रण तो देता ही है साथ ही आपके प्यारे पौधों को भी आवश्यकता से अधिक पानी पहुंचाता है।

8. रंगीन बगीचे

बोगेनविलिया को गर्मियां पसंद है।  Image source: Pixabay

फूल वाले पौधों से आपके बगीचे की रौनक बढती है। बोगेनविलिया, गेंदा, गुलाब ऐसे पौधे हैं जो गर्मियों में आपके आँगन को जीवंत बना देंगे।

9. धूप और छाँव

वैसे तो अधिकतर पौधों को धूप से लाभ मिलता है पर बढती गर्मी हमारे पौधों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। अगर आपके पास पौधों के गमले हैं तो कोशिश कीजिये की उनकी जगह ऐसी हो जहाँ उन्हें संतुलित धुप और छाँव मिले।

10. खाद का उपयोग करें

पानी के अलावा, खाद हमारे पौधों को स्वस्थ और नम बनाये रखता है, खासकर फल और फूल वाले पौधों को। आप इस खाद को घर पर आसानी से बना सकते हैं या फिर बाज़ार से खरीद कर भी ला सकते हैं।

11. इंडोर पौधे और धूप

हांलाकि इंडोर पौधों को धूप की आवश्यकता नहीं होती फिर भी कोशिश करें की ये खिडकियों के आस पास रहे। इससे इन्हें बढ़ने में मदद मिलेगी।

12. पौधे और घासपात

घास फूस  Image source: Flickr

घासपात गर्मियों के लिए आवश्यक है। इसका उपयोग मिट्टियों को ढकने में किया जाता है जिससे नमी तो बनी रहे साथ ही जुंगली घासों से भी बचा जा सके। यह पेड़ों की छाल, खाद, अखबार, घास, झड़े हुए पत्ते और लकड़ी के बुरादे से बनता है। इसे हर कुछ दिनों मे ज़रूर पलटें और जब यह सड़ने लगे तो इसे बदल दें।

13. अपने लॉन को नज़रंदाज़ करें

दुर्भाग्यवश गर्मियां वह मौसम नहीं है, जब आपको बागवानी करनी चाहिए। एक और जहाँ पौधों को पानी की आवश्यकता होती है, वहीँ दूसरी ओर बड़े लॉन आपके घर को सूखा सकते हैं। इस मौसम में अत्यधिक सिंचाई और कांट छांट से बचे ।

14. कांट- छांट

हमारे बालों के लिए कांट छांट बहुत लाभदायक होता है। इसी तरह पौधों को भी इसकी ज़रूरत पड़ती है। सूखे और मरे पत्तों, टहनियों और फूलों को सप्ताह में एक दिन ज़रूर छांटे।

15. छत पर की गयी बागवानी आपको ठंडक देगी

अगर आप बागवानी में नौसिखिये हैं या अभी तक आपका बगीचा तैयार नहीं हुआ है तो आप अपने छत से शुरुआत कीजिये। मिटटी आपके घर को प्राकृतिक रूप से ठंडक देगी और नीचे प्लास्टिक की तह दे देने से आपका घर रिसाव से भी बचेगा।

मूल लेख – सोहिनी दे 

यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें contact@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter (@thebetterindia) पर संपर्क करे।

शेयर करे

Leave a Reply

Your email address will not be published.