देश के ग्यारहवें राष्ट्रपति डॅा. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टुबर 1931 में रामेश्वरम् में हुआ था। उन्होनें देश को एक वैज्ञानिक और एक राष्ट्रपति के रुप में अपनी सेवाएँ दी,लेकिन उनकी जीवन-यात्रा मात्र इतने ही शब्दों से पूरी नहीं होती। कलाम साहब का पूरा जीवन आम लोगों के लिए आदर्शों की किताब है। पेश है उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य :-

1. एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम है।

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2. बचपन में अपने पिता को आर्थिक सहयोग देने के लिए अब्दुल कलाम ने घर-घर जाकर अखबार बाँटने का भी कार्य किया।

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डॉ. कलाम के पिता – जैनुलाब्दीन

 

3. डॅा. कलाम बड़े होकर एक फाइटर जेट पायलट बनना चाहते थे।

छायाचित्र – विकिपीडिया

4. डॅा. कलाम ने बतौर वैज्ञानिक इसरो(ISRO) के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट एसएलवी-lll- रोहिणी सेटेलाइट पर कार्य किया।

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प्रोफेसर साराभाई (दांए) के साथ डॉ. कलाम

 

5. कलाम साहब ने डीआरडीओ(DRDO) के अपने कार्यकाल में महत्वपूर्ण मिसाइल कार्यक्रमों और पोखरन न्यूक्लियर परीक्षण पर कार्य किया।

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अग्नि के साथ डॉ. कलाम

6. राष्ट्रपति रहते हुए डॅा. कलाम ने “प्रोवाइडिंग अरबन एमनिटीज़ टु रुरल एरियाज” नामक ट्रस्ट को अपनी सारी जमापूँजी दान करने का निश्चय किया।

भारत रत्न

 

7. डॅा. कलाम ने इमारतों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से उसकी दीवारों पर काँच के टुकड़े लगाए जाने पर ऐतराज जताया था,क्योकिं इससे पक्षियों को बैठने का स्थान नही मिलता।

छायाचित्र – विकिपीडिया

8. डॅा. एपीजे अब्दुल कलाम ने एक बार याहू पर यह जानने का प्रयास किया कि आतंकवाद से धरती को कैसे मुक्त किया जा सकता है।

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9. कलाम साहब की यह विशेषता थी कि वह जब भी किसी कार्यक्रम में जाते थे तो अपना अभिवादन भाषण स्वयं लिख कर जाते थे और समारोह में अपने लिए विशेष कुर्सी लगाया जाना उन्हें बिल्कुल पंसद नहीं था।

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10. भारत में हुए न्यूक्लियर टेस्ट “आपरेशन शक्ति” में डॅा. कलाम न सिर्फ एक मिलिट्री अफसर की तरह रहे,बल्कि सीआइए(CIA) की मजबूत मानवीय गुप्तवार्ता स्त्रोत के लिए “मेजर जनरल पृथ्वीराज” नाम भी रख लिया।

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11. डॅा एपीजे अब्दुल कलाम के प्रशंसक पूरे विश्व में मौजूद है। यही वजह है कि यूनाइटेड नेशन(यूएन) ने उनके 79वें जन्मदिवस पर इस दिन को वर्ल्ड स्टूडेन्ट डे (विश्व शिष्य दिवस) घोषित कर दिया।इसके अतिरिक्त डॅा कलाम के स्विट्जरलैण्ड दौरे को सम्मान देते हुए वहाँ की सरकार ने 26 मई को ‘विज्ञान दिवस’ घोषित कर दिया।

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12. डॅा. एपीजे अब्दुल कलाम एक उच्चकोटी के लेखक भी थे।उनकी पहली किताब “डेवलपमेन्ट्स इन फ्ल्यूड मैकेनिक्स एण्ड स्पेस टेक्नोलॅाजी” थी। इसके अलावा उन्होंने इण्डिया 20-20, विंग्स आफ फायर, इग्नाइटेड माइन्ड्स आदि कई सारी किताबें लिखी।

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13. डॅा. कलाम का देहांत आज ही के दिन 27 जुलाई 2015 को शिलांग के एक कालेज में व्याख्यान देते समय हृदयघात से हुआ था।

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डॅा एपीजे अब्दुल कलाम ने एक राष्ट्रपति, एक वैज्ञानिक और एक व्यक्ति के रूप में उच्चकोटि का आदर्श स्थापित किया। उनकी यादें हमें सम्बल और उनकी सीख हमें प्रेरणा देने का कार्य करती हैं।

मूल लेखसंचारी पाल


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